बलवंत राय मेहता की सिफारिश पर किस व्यवस्था को स्थापित किया गया — पूरी जानकारी एक जगह!

Published On: March 7, 2026
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यार अगर तुम UPSC, State PCS या कोई भी Competitive Exam की तैयारी कर रहे हो — और Panchayati Raj का यह Question तुम्हें Confuse करता है — तो आज के बाद नहीं करेगा। यह एक ऐसा Topic है जो हर Exam में आता है, लेकिन ज्यादातर Students Surface Level पर पढ़कर छोड़ देते हैं। आज पूरी बात Simple भाषा में समझते हैं।

बलवंत राय मेहता समिति की सिफारिश पर भारत में Panchayati Raj System यानी त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को स्थापित किया गया था। यह वो Foundation है जिस पर आज भी भारत का Grassroots Democracy टिका हुआ है। लेकिन इसके पीछे की पूरी कहानी बहुत Interesting है — आगे पढ़ते जाओ।

पहले समझो — बलवंत राय मेहता समिति बनी क्यों?

आजादी के बाद भारत सरकार के सामने सबसे बड़ी Challenge थी — गाँवों का विकास कैसे हो? Community Development Programme तो चल रहे थे, लेकिन उनका असर जमीनी स्तर पर नहीं दिख रहा था। आम आदमी तक सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं पहुँच रहा था।

इसी Problem को Solve करने के लिए 16 जनवरी 1957 को भारतीय योजना आयोग ने बलवंत राय मेहता की अध्यक्षता में एक Committee बनाई। इस Committee का काम था — Community Development Programme और National Extension Service की पूरी जाँच करना और सुझाव देना कि गाँवों तक सरकार की पहुँच कैसे बेहतर हो।

बलवंत राय मेहता कोई साधारण नाम नहीं था। वो एक Freedom Fighter थे, Mahatma Gandhi के करीबी थे, Bardoli Satyagrah और Quit India Movement में हिस्सा लिया था। बाद में वो Gujarat के दूसरे Chief Minister भी बने। इसीलिए उन्हें “पंचायती राज का जनक” कहा जाता है।

सिफारिश क्या थी — और किस व्यवस्था की नींव पड़ी?

समिति ने अपनी Report Submit की और Central Government के सामने एक बड़ा Proposal रखा —

भारत में Decentralized यानी विकेंद्रित शासन व्यवस्था होनी चाहिए। और इसके लिए त्रिस्तरीय यानी Three-Tier Panchayati Raj System बनाया जाए।

मतलब Power सिर्फ Delhi या State Capital में नहीं रहेगी — बल्कि गाँव, Block और District तीनों Level पर लोगों के Elected Representatives के हाथ में होगी।

यह तीन स्तर थे —

पहला स्तर — ग्राम पंचायत (Village Level) दूसरा स्तर — पंचायत समिति (Block Level) तीसरा स्तर — जिला परिषद (District Level)

यही वो त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था है जो बलवंत राय मेहता की सिफारिश पर स्थापित की गई।

तीनों स्तर को आसान भाषा में समझो

ग्राम पंचायत — सबसे नीचे लेकिन सबसे जरूरी

यह Village Level की Body है। गाँव की सड़कें, पेयजल, बिजली, भूमि व्यवस्था — यह सब ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी होती है। बलवंत राय मेहता समिति चाहती थी कि इसमें महिलाओं और दलित वर्ग को भी Representation मिले।

सोचो — जब गाँव के लोग खुद अपने गाँव की समस्याएं Solve करेंगे तो कितना बेहतर होगा। यही Idea था इस Level के पीछे।

पंचायत समिति — बीच का Level

यह Block Level पर काम करती है। यह ग्राम पंचायत से ऊपर और जिला परिषद से नीचे होती है। इसका काम था ग्राम पंचायतों के कामों को Coordinate करना और Block Level के Development Projects को Execute करना।

समिति का मानना था कि पंचायत समिति ही असली Executing Body होनी चाहिए जहाँ से गाँवों के विकास की Planning Ground Level पर होती है।

जिला परिषद — सबसे ऊपर और सबसे ताकतवर

यह District Level की Body है। बलवंत राय मेहता समिति ने जिला परिषद को तीनों में सबसे Important माना था। इसके अंतर्गत आते हैं — लोक स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, सार्वजनिक निर्माण कार्य और निम्न वर्गों का कल्याण।

जिला परिषद एक तरह से ग्राम पंचायत और पंचायत समिति दोनों को Supervise और Guide करती है।

मुख्य सिफारिशें — जो हर Exam में आती हैं

बलवंत राय मेहता समिति ने जो Recommendations दीं वो आज भी उतनी ही Relevant हैं। इन्हें एक-एक करके समझो —

पहली सिफारिश — पंचायती राज की संरचना त्रिस्तरीय होनी चाहिए — ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद।

दूसरी सिफारिश — पंचायतों में महिलाओं, Scheduled Caste और Scheduled Tribe के लिए Reserved Seats होनी चाहिए। यह उस समय के लिए बहुत Progressive Thinking थी।

तीसरी सिफारिश — Decentralized Administration यानी Power को नीचे तक लाओ। जनता के Elected Representatives के हाथ में जिम्मेदारी दो।

चौथी सिफारिश — पंचायती राज Institutions को सरकारी Administrative System के साथ मिलकर काम करना चाहिए।

पाँचवीं सिफारिश — निचले स्तर पर Financial Resources उपलब्ध कराए जाएं ताकि Local Bodies Dependent न रहें।

छठी सिफारिश — पंचायती राज व्यवस्था Local Leadership और Central Government के बीच एक Bridge का काम करे।

सिफारिश के बाद क्या हुआ — Implementation

बलवंत राय मेहता समिति की Report आने के बाद सरकार ने इसे Seriously लिया। 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर जिले में तत्कालीन Prime Minister पंडित जवाहरलाल नेहरू ने Panchayati Raj System को Officially Launch किया।

यह Date इसलिए Choose की गई क्योंकि यह Mahatma Gandhi की Birth Anniversary थी — और Gandhi जी का सपना था कि India का असली Power गाँवों में हो।

इसके बाद Andhra Pradesh दूसरा State बना जिसने इस System को Adopt किया। धीरे-धीरे पूरे देश में यह व्यवस्था फैल गई।

Exam के लिए Important Points — याद कर लो

समिति का गठन — 16 जनवरी 1957 अध्यक्ष — बलवंत राय मेहता सिफारिश — त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था Launch — 2 अक्टूबर 1959, नागौर, राजस्थान पहला State — राजस्थान, दूसरा — Andhra Pradesh बलवंत राय मेहता को कहा जाता है — पंचायती राज का जनक

Bottom Line

बलवंत राय मेहता की सिफारिश पर त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था स्थापित की गई — यह Answer है। लेकिन सिर्फ Answer रटने से Exam Clear नहीं होता। पूरा Context समझना जरूरी है — Committee क्यों बनी, किसने बनाई, क्या सिफारिश की, कहाँ Launch हुई — यह सब मिलाकर एक Complete Picture बनती है।

अगर यह Post Helpful लगी तो इसे अपने Study Group में Share करो — किसी न किसी का Exam जरूर इससे Clear होगा।

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